वेल्डिंग रॉड(welding rod)

कितने प्रकार के होते हैं?

 

दोस्तो आपने वेल्डिंग करते हुए देखा होगा। वहां उपस्थित सारी मशीनों को देखा होगा ।लेकिन आपने कभी यह सोचा है की वेल्डिंग में उपयोग होने वाले रॉड को जिसे हम electrode भी कहते है।ये आपको दीवाली की छूर छुरी जैसी लगी होगी।वेल्डिंग electrode अलग अलग प्रकार के होते है।तथा अलग अलग मेटल के बने होते हैं।

तो आगे बढ़ते है और जानें गे की कौन सा electrode कहां उपयोग किया जाता है। और क्यों-

इलेक्ट्रिक आर्क वेल्डिंग में सही इलेक्ट्रोड का चयन करना बहुत जरूरी होता है क्युकी आपका जो workpice जिस तरह होता है,उसी तरह आपका इलेक्ट्रोड भी चाहिए क्युकी जब सब सही होगा तो आपके workpice का strength सही रहेगा। उसकी quility सही रहेगी और जो welldinge joint है वो बहुत ही strong रहेगा। तो सबसे ज्यादा wellding आर्क में को उपयोग होने वाला इलेक्ट्रोड है वो है, mild steel electrode जो industries में use होता है। जिनके नंबर है, E6010,E6011,E6012,E6013,E7014,E7017,E7018.

 

इसमें अगर आपका high carbon Steel है,तो इसके लिए सबसे ज्यादा E7018 का उपयोग किया जाता है। और इसका strength सबसे ज्यादा होता हैं। और creck फ्री वेल्डिंग provide कराता है।अगर आपका structure low तथा medium carbon steel से बना है तो इसके लिए E6010 और E6013 का उपयोग किया जाता है।

 

अगर आपका वर्कपीस cast iron का है तो उसके लिए cast iron electrode का उपयोग किया जाता है।

 

Cast iron electrode है।

 

Eni 99,E ni – c1 z308,Eni-c1

 

welding electrode ke prakar

 

ये carbon welding electrode है।यह हल्का सा काला रंग में होता है।

अगर आप का वर्कपिस stenless steel का है।तो उसके लिए आपको stenless steel का electrode use करना होगा।

 

इनके नंबर हैं- 304 , 308, 316L

यह हल्का सफेद कलर का होगा।

 

अब बारी आती है non ferrous work pics इसमें आयरन की मात्रा नहीं होती है।तो इसके लिए non ferrous ka hi upyog करेंगे।

ये अलग अलग प्रकार के non ferrous metal में उपयोग लाए जाते है।

जैसे – broonze के लिए – LH214 (AC),LH214(DC),LH215

 

ALUMINIUM के लिए- LH409

NOTE:-

यह दिए गए नंबर सभी electrode बनाने वाले कंपनी उपयोग में लाई जाती हैं।पर अपना नाम जोड़ देती है। और non ferrous मेटल वाले welding rod अलग अलग रंग का होता है।

 

वेल्डिंग रॉड में दिए हुए नंबर को कैसे समझेंगे

 

मान ले कि E 7018 एक वेल्डिंग रॉड है।इसमें दिए गए नंबर और लेटर का अपना एक प्रतीक हैं जो हमको संक्षेप में परिभाषित करते है।

 

E

जो हमे इलेक्ट्रोड के बारे में बताता है।

 

70

यह हमको tensile strength के बारे में बताती है।जो इस इलेक्ट्रोड में उपस्थित है।यह ksi में बताता है।

 

1

यह हमें position के बारे में बताती है।की इस रॉड के द्वारा किस position में वेल्डिंग की जा सकती है।

 

1 – flat, horizontal, vertical or overhead

 

2 – flat, horizontal only

 

3 – flat, horizontal, vertical down, overhead



8.यह नंबर आपको वेल्डिंग रॉड में लगी कोटिंग को बताएगा। और वह रॉड कितने करंट पर काम करेगा।

Digit.                       Type of coating.                  Current
0.                                Cellulose sodium.              DECP
1                                cellulose potassium.    AC,DCEP,DCEN
2.                                Titania sodium.                      DCEN,AC
3.                             Titania potassium.                    AC,DCEP
4.                          Iron powder titania.          AC,DCEP,DCEN
5.                           low hydrogen sodium.                      DCEP
6.                           low hydrogen potassium.           AC,DCEP
7.                          iron powder iron oxide.     AC,DCEP,DCEN
8.                     Low hydrogen iron powder.            AC,DCEP

 

वेल्डिंग राॅड का चुनाव किस परिस्थित में करें।

 

1.लो कार्बन स्टील(काॅपर कोटिड़) – यह माइल्ड़ स्टील की समान्य वेल्डिंग

 

2.आर्म को आयरन – हाई ग्रेड़ स्टील तथा कास्ट आयरन की वेल्डिंग के लिए।

 

3.हाई कार्बन स्टील (0.8-1%) – कठोर माल चढाने हेतु।

 

4.14% मैग्नीज स्टील – क्रैशिंग मशीन के दांतों के खुण्डे तथा घिसे हुये सिरे बनाने के लिए।

 

5.सिलिकाॅन मैग्नीज स्टील – ऊची किस्म के स्टील को वैल्ड करने हेतु।

 

6.कार्बन मोलिब्डिनम एलाॅय – अधिक ताप सहन करने वाले स्टील को वैल्ड़ करने के हेतु।

 

7.3.5%निकिल स्टील – गियर टीथ दांतो तथा स्प्लाइनों के किनारे खड़े करने के लिए।

 

8.क्रोम वैनेडियम स्टील – मरम्मत के काम के लिए जहाँ अधिक कठोर तथा शक्तिशाली वेल्डिंग की आवश्यकता हो।

 

9.सिल्वर स्टील – टूलो की मरम्मत आदि के लिए।

 

10.स्टेनलैस स्टील – स्टेनलैस स्टील के वेल्डिंग के लिए।

 

11.कटिंग टूल स्टील – कटाई करने वाले टूलों के किनारे बनाने के लिए।

 

12.सुपर सिलीकाॅन कास्ट आयरन – कास्ट आयरन की ढलाई की चीजों की समान्य वेल्डिंग के लिए।

 

13.फैरोटैक्टिक कास्ट आयरन – हाई टैन्साइल कास्ट आयरन वेल्डिंग के लिए।

 

14.निकोटैक्टिक कास्ट आयरन – वाल्व शीटों तथा पिस्टन हैड़ की मरम्मत के लिए।

 

15.काॅपर सिल्वर अलाॅय – तांबे के बर्तन वैल्ड करने के लिए।

 

16.टंगम मैटल – पीतल की ढलाई की चीजों वैल्ड करने के लिए।

 

17.एल्युमीनियम ब्रौंज क्रोटोराइट – मोटर कारों के फोर्क,सिलिंडर हैड़ आदि वैल्ड करने के लिए।

 

18.गिल्डिंग मैटल – शों केसों के हैंडल आदि वैल्ड करनेशके लिए।

 

19.ब्रेजोटैक्टिक सिलिकाॅन ब्रोंज –तांबे तथा पीतल की नलियां तथा चादरें वैल्ड करने के लिए।

 

20.ब्रेजोटैक्टिक निकिल ब्रोंज – स्टील तथा मैलियेबल आयरन की पीतल की वेल्डिंग करने के लिए।

 

21.ब्रेजोटैक्टिक मैग्नीज ब्रोंज – कास्ट आयरन तथा मैलियेबल आयरन की ब्रेजिंग के लिए।

 

22.शुध्द एल्युमीनियम – एल्युमीनियम के बर्तन वैल्ड करने के लिए।

 

23.एल्युमीनियम अलाॅय 5% काॅपर – एल्युमीनियम की ढलाई की चीजों को वैल्ड करने के लिए।

 

24.एल्युमीनियम अलाॅय 5% सिलिकाॅन – एल्युमीनियम की शीटें,सैक्शन तथा ट्यूबों वैल्ड करने हेतु।

 

25.एल्कुब्रेज – एल्युमीनियम की चीजों की ब्रेजिंग के लिए।

 

26.एल्युमीनियम अलाॅय 5% मैग्नीशियम – हवाई जहाज में लगें इसी प्रकार के धातु को वैल्ड करने लिए।

 

27.एल्युमीनियम सोल्डर – एल्युमीनियम की ढलाई की चीजों की मरम्मत के लिए।

 

28.स्टेलाइट ग्रेड़ 1-6 तथा 12 – कठोर माल के लिए।


इलेक्ट्रोड का वर्गीकरण


इलेक्ट्रोड की कोडिंग के आधार पर

 

1.AWS ER-705-1

2.IS 815-1966 M 317274

3.BS E-317

4.ISO E 433 R 22

5. DIN TiVIIIS/433/22

6.BIS EA 4228J

कलर कोडिंग के आधार पर

 

विभिन्न प्रकार की इलेक्ट्रोड की आसानी से जांच करने के लिए उनके सिरो पर अलग अलग रंग का प्रयोग किया जाता है।इस कलर कोडिंग से इलेक्ट्रोड की सुविधापूर्णक पहचान की जा सकती है।कलर कोडिंग में निम्न कलर प्रयोग किये जाते है।ये कलर अलग-अलग मैन्युफैक्चरर अपनी सुविधानुसार अलग-अलग इलेक्ट्रोड के लिए प्रयोग करते है।जिसमें लाल,हरा,नीला,सफेद,पीला,काला,भूरा,नारंगी,बैंगनी,स्लेटी आदि रंग शामिल है।

 

इलेक्ट्रोड की साइज के आधार पर

 

इलेक्ट्रोड का साइजउसके कोर वायर के व्यास के द्वारा मापा जाता है।साधारणतः किसी भी वायर के व्यास को दो प्रणाली में मापते है।भारतीय मानक प्रणाली में वायर का व्यास मिलीमीटर में तथा ब्रिटिश प्रणाली में वायर गेज में मापा जाता है।
इलेक्ट्रोड की लंबाई उसके व्यास के समानुपाती होती है।मतलब कम व्यास के पतले राॅड की लंबाई कम और अधिक व्यास के मोटे राॅड की लम्बाई अधिक रखी जाती है।कुछ मैन्युफैक्चरर कोर वायर की मैटल के अनुसार भी लम्बाई कम या अधिक रखते है।साधारणतः इलेक्ट्रोड की लम्बाई 250 मि.मी से 450 मि.मी तक रखी जाती है।

तो दोस्तो आपको जानकारी कैसी लगी जरूर बताना कमेंट जरूर करना।

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