वाइस(vice)

 

जब वर्कशाप में जाॅब को बनाया जाता है।तो उनको अच्छी पकड़ की जरूरत होती है।क्योंकि हाथ की पकड़ से जाॅब को सावधानीपूर्वक नही बनाया जा सकता है।और दुर्घटना होने की सम्भावना बढ जाती है।इसलिए एक ऐसा साधन प्रयोग में लाया जाता है।जिसे वाइस कहते है।
वाइस एक तरह का जाॅब पकडने का साधन होता है।जिसे जाॅब को मजबूती से पकड़कर उस पर फाइलिंग,मशीनिंग और दूसरे प्रकार के आपरेशन किये जा सकते है।

 

प्रकार – प्रायः निम्नलिखित प्रकार की वाइसे प्रयोग में लाई जाती है-

 

बेंच वाइस (Bench vice) – इसको पैरेलल जाॅ वाइस भी कहते है।जिसको प्रायः बेंच पर फिट किया जाता है।इसका साइज इसके जाॅ की चौड़ाई से लिया जाता है।भारतीय स्टैंडर्ड (BIS)के अनुसार यह प्रायः 75mm वाली वाइस छोटे कार्यो के लिए 100 व 125mm वाली मध्यम कार्यो के लिए और 150mm वाली वाइस बड़े कार्यो के लिए प्रयोग लाई जाती है।बेंच वाइस का प्रयोग उन कार्यो को अच्छी तरह बाधंने के लिए किया जाता है।जिन पर प्रायः फाइलिंग, चिपिंग ,हेक्साइंग इत्यादि आपरेशन करने की आवश्यकता होती है।

 

बनावट – इसके प्रायः निम्नलिखित पार्टस होते है।

 

पार्ट्स और मटेरियल

 

1.फिक्सड जाॅ – ग्रे कास्ट आयरन

 

2.मुवेवल जाॅ – ग्रे कास्ट आयरन

 

3.जाॅ प्लेटे -टूल स्टील

 

4.स्पिण्डल – माइल्ड स्टील

 

5.हैंडल – माइल्ड स्टील

 

6.बाक्स नट – कास्ट आयरन,फास्फोरस ब्रांज ,गन मेटल

 

 

पाइप वाइस (pipe vice) – इस प्रकार की वाइस की बनावट में एक बाडी,मुवेवल जाॅ,फिक्सड जाॅ,स्क्रु स्पिण्डल और हैंडल होते है।इस पर वाइस के जाॅ प्रायः वी आकार में बने होते है।इसका मुवेवल जाॅ लम्बरूप खुलता है।इस प्रकार की वाइस में गोल आकार के जाॅब आसानी से बांधे जा सकते है।क्योंकि गोल आकार के जाॅब को इसमें बांधने से चार स्थानो से पकड़ होने के कारण वह घूम नही पाता है।इस वाइस का अधिकतम उपयोग पाइप फिटिंग करते समय और बिजली की वर्कशाप में किया जाता है।इसके जाॅ के बीच अधिक से अधिक जितने व्यास का जाॅब बांधा जा सकता है।उसके अनुसार इसका साइज लिया जाता है।

 

 

लैग वाइस (leg vice) – इस प्रकार की वाइस की एक टांग लम्बी होती है।इसको प्रायः लकड़ी के मजबूत लट्ठ या बेंच पर फिट किया जाता है।इसकी लम्बी टांग को जमीन में गाड़ दिया जाता है।इस वाइस के जाॅ समान्तर न खुलकर गोलाई में खुलते है।इसका अधिकतर प्रयोग लोहारगिरी शाॅप पर किया जाता है।जिससे इस पर गर्म जाॅब को बांधकर फोर्जिग,बेंडिंग इत्यादि कार्य क्रियाऐ कि जा सकें।इस वाइस की बाॅडी राॅट आयरन या माइल्ड स्टील से बनाई जाती है।इसका साइज इसके जाॅ की चौड़ाई से लिया जाता है।प्रायः इस वाइस में जाॅ प्लेटे वाइस में अलग-अलग स्क्रू से न जोड़कर साथ कास्ट किये रहती है।परन्तु कुछ कम्पनीयां अलग-अलग स्क्रू के द्वारा जोड़ने वाली जाॅ प्लेटें भी लगाती है।

 

 

हैड वाइस(hand vice) – जैसे कि नाम से सिध्द है।यह वाइस हाथ में पकड़ कर प्रयोग में लाई जाती है।इसके जाॅ समानांतर न खुलकर गोलाई में खुलते है।इसके जाॅ को खोलने या बंद करने के लिए एक विंग नट प्रयोग में लाया जाता है।इसके दोनो जाॅ के बीच में चपटे स्प्रिंग की पत्ती लगी रहती है।जो कि इसके जाॅ को अपने साथ खुलने में सहायता करती है।वर्कशाप में इसका प्रयोग छोटे-छोटे कार्यो को पकड़ने के लिए किया जाता है।यह प्रायः माइल्ड स्टील की बनाई जाती है।इसका साइज इसके जाॅ की चौड़ाई से लिया जाता है।

 

 

पिन वाइस(pin vice) – इस प्रकार की वाइस छोटे आकार की होती है।जिसकी बनावट में एक ओर हैंडल और दूसरी ओर चक।इसके चक को घुमाकर इसमें छोटे-छोटे जाॅब और पिन इत्यादि को आसानी से पकड़ा जा सकता है।इसका अधिकतर प्रयोग घड़ी साज और इन्स्टरमेंट मैकेनिक के द्वारा किया जाता है।यह प्रायः स्टील से बनाई जाती है।

 

 

टूल मेकर्स वाइस(tool maker’s vice) – इस प्रकार की वाइस बहुत ही छोटे साइज की समान्तर जाॅ वाली वाइस होती है।यह वाइस प्रायः टूल मेकर्स के द्वारा प्रयोग में लाई जाती है।जिससे वे इसमें छोटे- छोटे जाॅब पकड़ कर आपरेशन करते है।यह प्रायः स्टील से बनाई जाती है।इसका साइज इसके जाॅ की चौड़ाई से लिया जाता है।

 

 

मशीन वाइस(machine vice) – इसका प्रकार की वाइस के जाॅ भी समान्तर खुलते है।इस वाइस का बेस अच्छी तरह से मशीनिंग किया रहता है।जिससे इसको मशीन टेबल पर टी बोल्ट की सहायता से आसानी फिट किया जा सकता है।टी बोल्ट मशीन के टेबल पर बने टी स्लाट में बैठ जाता है,और बोल्ट को मशीन वाइस के बेस पर सुराख या खाचे में बैठा कर नट के द्वारा कस दिया जाता है।इस प्रकार की वाइस का अधिकतर प्रयोग मशीनिंग आपरेशन जैसे ड्रिलिंग,मिलिंग,शेपिंग इत्यादि करते समय जाॅब को पकड़ने के लिए किया जाता है।इसका साइज इसके जाॅ की चौड़ाई से लिया जाता है।

 

स्विवल बेस वाइस(swivel base vice)- इस प्रकार की वाइस जाॅ समानांतर खुलते है।इस वाइस में बेस प्लेट और फिक्सड जाॅ अलग-अलग होते है।बेस प्लेट के सेंटर में एक पिन फिट रहती है,जिसके साथ फिक्सड जाॅ के धरातल में सुराख को मिलाकर फिट कर देते है।इस फिक्सड जाॅ को बेस प्लेट पर 360° के कोण में घुमाया जा सकता है।फिक्सड जाॅ के साथ एक लीवर फिट रहता है।जिसकी सहायता से वाइस को किसी भी कोण में सेट कर सकते है।इस प्रकार की वाइस प्रायः फिटर शाॅप या मशीन शाॅप में प्रयोग में लाई जाती है।इसका साइज इसके जाॅ की चौड़ाई से लिया जा सकता है।

 

क्विक रिलीसिंग वाइस(quick releasing vice)- इस प्रकार की वाइस के जाॅ समान्तर खुलते है।इस वाइस में एक हाफ नट लगा रहता है।जिसको स्पिण्डल के साथ एक स्प्रिंग लीवर की सहायता से संलग्न और अलग किया जाता है।लीवर दबाने से हाफ नट अलग हो जाएगा और स्पिण्डल अंदर दबाया जा सकता है।और बाहर भी आसानी से खीचा जा सकता है।और जहाँ पर वाइस को सैट करना हो लीवर की सहायता से सैट कर दिया जाता है।इस प्रकार वाइस अधिकतर कारपेंटरी शाॅप में प्रयोग में लाई जाती है।

 

 

युनिवर्सल मशीन वाइस(universal machine vice) – इस प्रकार की मशीन वाइस की बनावट इस तरह से बनाई जाती है।की इसको स्विवल बेस मशीन वाइस की तरह बेस समतल चारों ओर घुमाया जा सकता है।तथा लम्बरूप में भी इसको कोण में सैट किया जा सकता है।इस प्रकार की वाइस का अधिकतर प्रयोग टूल एण्ड डाई मेकर के द्वारा किया जाता है जिससे जाॅब को बिना खोले उसकी दिशा बदलकर जाॅब मशीनिंग आपरेशन किये जा सकते है।

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