ट्रांसफार्मर को ठंडा करने विधि

 कौन कौन सी है?

Transformer cooling

तो दोस्तो आज हम जानेंगे ट्रांसफार्मर को ठंडा करने की विधियो के बारे में-

मोटर और जनरेटर जैसी घुमने वाली मशीनों में,मशीनों का कूलिंग फैन घूमता है और इस प्रकार फैन की हवा से मशीनें ठंड़ी रहती है।लेकिन ट्रांसफार्मर स्थिर मशीन है और इसलिए इसको ठंडा रखना कठिन है।जब ट्रांसफार्मर कार्य करता है तब ट्रांसफार्मर में हानियाॅ होने के कारण हमेशा कुछ उष्मा उत्पन्न होगी।वाइडिंग को अधिक तापमान ग्रहण करने से बचाने के लिए कुछ साधन अपनाए जाते है।ट्रांसफार्मर को ठंडा रखने की निम्नलिखित भिन्न भिन्न विधियां है:-

 

प्राकृतिक ठंडा रखना (natural cooling)-

 

10 से 15 K.V.A तक के छोटे ट्रांसफार्मरो को प्राकृतिक हवा से ही ठंडा किया जाता है।ट्रांसफॉर्मर वाइडिगं और कोर की सतह का क्षेत्रफल इतना पर्याप्त होता है कि वे उत्पन्न उष्मा को अपने अंदर शोषित कर लेते है।कुछ भी हो अधिक K.V.A के ट्रांसफार्मर मे उत्पन्न उष्मा को शोषित करने के लिए अतिरिक्त साधन अपनाए जाते है।

प्राकृतिक तेल द्वारा ठंडा रखना(natural oil cooling)-

 

इस विधि के अनुसार टैंक मे तेल भर देते है जिसे ट्रांसफार्मर तेल कहते है।और इसमे ट्रांसफार्मर को रख देते है,टैंक मे प्रयोग होने वाला तेल केवल ट्रांसफार्मर को ही ठंडा नही रखता बल्कि वाइडिगं के लिए इनसुलेशन का भी कार्य करता है।तेल कोर और वाइडिगं से उष्मा लेता है और टैंक की सतह को दे देता है जहॉ से हवा उष्मा लेकर चली जाती है।

इस विधि को और अधिक प्रभावशाली बनाने के लिए,टैंक के सतह क्षेत्रफल को बढाने के लिए इसे या तो कोरूगेटेड शीट या राउण्ड पाइप (सामान्यतः 5c.mडाया मे) या अंडाकार टयूब का बनाया जाता है।ट्रांसफॉर्मर के द्वारा उत्पन्न उष्मा के कारण तेल टैंक और पाइपो मे घूमता है।गर्म तेल वजन मे हल्का होकर ऊपर उठता है जहाॅ से पाइपो के द्वारा ठंडा होकर नीचे आ जाता है।टैंक मे तेल का स्तर कभी भी पाइपो के उपरी सिरों से नीचे नही होना चाहिए।

 

ऑयल ब्लास्ट कूलिंग (oil blast cooling)-

 

ट्रांसफार्मर को ठंडा रखने की यह एक और विधि है।इसका प्रयोग 500 K.V.A से अधिक रेटिंग वाले ट्रांसफार्मरो मे किया जाता है।इस विधि मे मेन टैंक की दिवारों के साथ रेडियेटर टैंक लगाए जाते है।तेल मेन टैंक से इन रेडियेटर टैंको मे घूमता है।रेडियेटर टैंक को हवा फेककर ठंडा किया जाता है।ठंडा करने की इस विधि को O.B (ऑयल ब्लास्ट) टाइप भी कहते है।

 

फोर्सड वाटर कूलिंग (forced water cooling)-

 

500K.V.A से अधिक आउट पुट वाले ट्रांसफार्मरो को वाटर कूलिंग द्वारा ठंडा किया जाता है।ट्रांसफॉर्मर की वाइडिंग को टैंक के तेल मे रखा जाता है।और ट्रांसफॉर्मर तेल मे पड़े कापर के लच्छेदार पाइप मे से ठंडा पानी गुजारा जाता है। ठंडा पानी उष्मा को शोषित करके ले जाता है। लच्छेदार पाइप मे तेल पानी मे जाकर इसके इन्सुलेटिंग गुण को नष्ट कर देगा। यह वाइडिंग के इन्सुलेशन को नष्ट कर सकता है।

 

फोर्सड एयर कूलिंग(forced air cooling)-

 

ठंडा करने की इस विधि का प्रयोग उन स्थानों पर किया जाता है जहां पानी की कमी हो। इस विधि मे धूल और नमी रहित छनी हुई हवा को दबाव से वाइडिंग, ट्रांसफॉर्मर की कोर और इसमें बने सुराखो से गुजारा जाता है। जो उष्मा को साथ ले जाती है और इस प्रकार ट्रांसफॉर्मर ठंडा हो जाता है।

तो दोस्तो ये तो थी ट्रांसफॉर्मर को ठंडा रखने की विधि आपको मेरी दी गई जानकारी कैसी लगी मुझे कमेंट जरुर करे। धन्यवाद।

 

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