Spanner

 

अस्थाई रूप से फिट किये जाने वाले पुर्जे प्रायः नट और बोल्ट के द्वारा जोड़े जाते है,जिनको कसने व ढीला करने के लिए एक प्रकार का टूल प्रयोग में लाया जाता है।जिसे स्पेनर्स कहते है।यह कास्ट आयरन,कास्ट स्टील,मिडियम कार्बन स्टील,निकिलक्रोम स्टील,क्रोम वैनेडियम एलाॅय स्टील से बनाये जाते है।

 

विवरण – स्पेनर को उसके आकार और साइज के अनुसार जाना जाता है।इसका साइज प्रायः इसके उपर छपा रहता है।इसका नट या बोल्ट के हैड़ के फ्लैट टू फ्लैट दूरी को मनोनीत करता है।जैसे सिंगल एण्डिड स्पेनर 20 मिमी यह स्पेनर्स नट या बोल्ट के 20 मिमी के हैड पर ही प्रयोग में लाया जाता है।

 

प्रकार – यह निम्न प्रकार के होते है-

 

1.सेट स्पेनर(set spanner) –

इस प्रकार के स्पेन खुले सिर वाला होता है।जिनके सिरे अक्ष के साथ 15° कोण बनाते है।ये स्पेनर नट व बोल्ट की दो सतहो को ही पकड़ते है।इस प्रकार इनकी पकड़ भी सामान्य होती है।इनका अधिकतर प्रयोग साधारण कार्य करते समय नट व बोल्ट को कसने व ढीला करने के लिए लाया जाता है।इसका प्रयोग प्रायः वहां किया जाता है।जहाँ पर नट व बोल्ट घुमाने के लिए पर्याप्त स्थान हो।ये स्पेनर्स इंचो में 1/4″ से 1-1/4″ तक व मीट्रिक में 6 मिमी से 32 मिमी तक पाये जाते है।सेट स्पेनर प्रायः निम्नलिखित दो प्रकार के होते है।

 

(क) सिंगल ऐण्डिड स्पेनर(single ended spanner)-

 

इस प्रकार के स्पेनर का एक ही मुह होता है।जो की निश्चित साइज में बना होता है।इस स्पेनर का प्रयोग केवल एक साइज के नट व बोल्ट को ढीला करने व कसने के लिए किया जाता है।

 

(ख) डबल ऐण्डिड स्पेनर (double ended spanner)-

 

इस प्रकार के स्पेनर के दो मुँह होते है।इसके दोनो मुँह पर अलग-अलग सिरों पर होते है।और अक्ष से एक दुसरे के विपरीत होते है।इनको दो साइज के नट व बोल्ट फिट करने के लिए प्रयोग में लाऐ जाते है।

 

2)रिंग स्पेनर (ring spanner)-

 

इस प्रकार के स्पेनर के सिरो में सुराख होते है।और उनमें प्रायः 12 नोचिस बने होते है।इस प्रकार ये बोल्ट या नट के हैड़ को चारों ओर से पकड़ लेते है।जिसके कारण कसते व ढीला करते समय स्पेनर के फिसलने की संम्भावना नही रहती है।

इनके दोनो सिरे अलग-अलग साइज के होते है।ये भी सिंगल ऐण्डिड या डबल ऐण्डिड वाले पाये जाते है।इसका प्रयोग प्रायः वहा किया जाता है।जहां पर नट व बोल्ट को घुमाने के लिए कम जगह होती है।ये स्ट्रेट टाइप में पाये जाते है।

 

3) साकेट स्पेनर (socket spanner) –

 

यह स्पेनर ट्यूबलर बाक्स स्पेनर की तरह होता है।तथा इसका मुँह केवल एक ही सिरे पर बना होता है।जो की भिन्न-भिन्न साइजों में पाया जाता है।इसके मुंह में 12 नोचिस बने होते है।ये प्रायः सेट में पाये जाते है।इसके दूसरे सिरे पर चौकोर सुराख बना होता है।जिसमें टाॅमी बार हैंडल लगाकर इसे घुमाया जा सकता है।इस स्पेनर का प्रयोग प्रायः वहां किया जाया है।जहाॅ नट व बोल्ट कुछ गहराई में लगा हो और जगह कम और अधिक मजबूत पकड़ की आवश्यकता हो।

 

4) ट्यूबलर बाक्स स्पेनर (tubelar box spanner) –

 

यह एक खोखला पाइप होता है।जो की अंदर से षट्भुज आकार में बना होता है।ये भिन्न भिन्न लम्बाईयों व साइजों में पाये जाते है।इसके आर-पार सुराख बना होता है।जिसमें एक गोल सरिया डाल कर इसे घुमाया जाता है।इनका अधिकतर प्रयोग गहराई में लगे षट्भुज आकार के नट व बोल्ट को कसने व ढीला करने के लिए किया जाता है।

 

5.एडजस्टेबल स्पेनर (adjustable spanner) –

इस प्रकार के स्पेनर के मुँह के साइज को घटाया बढाया जा सकता है।इसकी बनावट में जाॅ होते है।एक जाॅ (jaw)

फिक्स्ड होता है।तथा दूसरा जाॅ मूवेबल(movable) इस प्रकार के स्पेनर का प्रयोग अलग-अलग साइज के नट व बोल्ट को खोलने व कसने के लिऐ किया जाता है।इस स्पेनर की पकड़ने की शक्ति अन्य स्पेनरों की अपेक्षाकृत कम होती है।इसलिऐ इसका प्रयोग हल्के कार्यो के लिए किया जाता है।इनका साइज इनकी लम्बाई से लिया जाता है।जैसे 150 मिमी,200 मिमी,300मिमी इत्यादि।

 

6.पिन हुक स्पेनर (pin hook spanner) –

इस स्पेनर का सिरा अर्ध गोलाकार होता है।जिसके सिरे में हुक बनी होती है।इस स्पेनर का प्रयोग गोलाकार नट पर किया जाता है।जिसमें एक सुराख बना होता है।स्पेनर की हुक इस सुराख में फसा दी जाती है।और नट को आवश्यकतानुसार खोला या बंद किया जा सकता है।और भी कई स्पेनर उपयोग में लाए जाते है जैसे की –

 

7) ऐडजेस्टेबल पिन फैस (adjustable pin face) –

 

इस प्रकार के स्पेनर में दो भुजाएं होती है।जिनको रिवट के द्वारा आपस में जोड़ दिया जाता है।इन भुजाओ के सिरों पर एक-एक पिन फिट रहती है।इस स्पेनर का प्रयोग उन नटों को खोलने या कसने के लिए किया जाता है।जिनके फेस पर पिन लगाने के लिए सुराख बने हो।

 

8) एलन की (allen key) –

 

यह स्पेनर षट्भुज आकार की छड़ की बनी होती है।जिसका एक सिरा 90° के कोण में मोड़कर बनाया जाता है।यह स्पेनर भिन्न-भिन्न साइजों में पाये जाते है।इस प्रकार के स्पेनर सेट में मिलते है।यह सेट 6,8,10,12 पीसो का मिलता है।प्रायः 2 मिमी से 12 मिमी साइज तक और इससे कम या अधिक साइज में भी ये स्पेनर मार्केट में उपलब्ध होते है।

 

9) क्लोज्ड ऐण्डिड स्पेनर (closed ended spanner)

यह एक सिरे वाला स्पेनर होता है।इसका सिरा खुला न होकर बंद ही होता है।और उसमें प्रायः षट्भुज या चोकोर आकार का सुराख बना होता है।यह नट व बोल्ट के हैड को चारों ओर अच्छी तरह से पकड़ लेता है।और फिसलने नही देता है।इसका प्रयोग प्रायः एक ही साइज के नट व बोल्ट को कसने व ढीला करने के लिए किया जाता है।

 

 

10) मंकी रेंच (monkey wrench) –

यह एक प्रकार का एडजस्टेबल रेंच है।इसकी बनावट दो जा होते है।एक जा फिक्स्ड होता है और दूसरा मूवेबल।इसको आवश्यकतानुसार समायोजित करके साइज में सेट किया जा सकता है।यह रेंच एडजस्टेबल स्पेनर की अपेक्षा अधिक मजबूत होता है।इसका प्रयोग साधारण कार्य के लिए किया जाता है।

 

11) लीवर जाॅ रेंच (lever jaw wranch) –

यह एक प्रकार का काम्बीनेशन होल्डिंग डिवाइस है।जिसका एक जाॅ फिक्स्ड होता है।दूसरा एडजस्टेबल।इसका एडजस्टेबल जाॅ बाडी में बनी एक पिन पर फिट रहता है।और एक स्प्रिंग लीवर स्क्रू की सहायता से एडजस्ट किया जा सकता है।इसका प्रयोग करते समय जाॅब को पकड़ने के बाद लाॅक किया जा सकता है।इसका प्रयोग करते समय जाॅब को पकड़ने के बाद लाॅक किया जा सकता है।जिससे पकड़ मजबूत हो जाती है।यह पकड़ तब तक मजबूत बनी रहती है।जब तक लीवर को मुक्त न किया जाय।इस रेंच का प्रयोग प्लायर,रेंच,क्लेम्प,हैड वाइस की तरह किया जा सकता है।इसका साइज पूरी लम्बाई से लिया जाता है।इसको सेल्फ ग्रिप रेंच भी कहते है।

 

12) टी साकेट रेंच (T socket wrence) –

 

यह अंग्रेजी के अक्षर T का आकार होता है।इसका जो सिरा नट व बोल्ट को कसता व ढीला करता है।साॅकेट के आकार का होता है।इसके दूसरे सिरे पर घूमाने के लिये हैंडल लगा रहता है।इसका प्रयोग वहाँ पर किया जाता है।जहाँ पर एक ही साइज के नट व बोल्ट को कसना व ढीला करना हो और जगह कम हो।इसका प्रयोग प्रायः रेंच के साॅकेट में बने आकार के अनुसार चौकोर,षट्भुज या अष्टभुज आकार के नट व बोल्ट को कसने व ढीला करने के लिए किया जाता है।

 

13) आफ सेट स्पेनर (offset spanner) –

 

यह स्पेनर अंग्रेजी के अक्षर L के आकार का होता है।जिसका छोटा सिरा नट व बोल्ट पर प्रयोग में लाते है।व बड़े सिरे को हैंडल की तरह प्रयोग करते है।इसके छोटे सिरे में साकेट हैड बना होता है।इस स्पेनर का प्रयोग वहाँ किया जाता है।जहां पर जगह कम हो और T साकेट रेंच का प्रयोग में न लाया जा सके।

 

14) रैचेट रेंच (ratchat wrench) –

 

यह एक प्रकार का बंद सिरे वाला रेंच होता है।जिसमें एक रैचेट की सहायता से रेंच को बिना हटाये नट व बोल्ट को निश्चित दिशा में आसानी से घुमाया जा सकता है।इस रेंच का प्रयोग वहां किया जाता है।जहां पर जगह कम हो और रेंच को बार-बार हटाना या लगाना असंभव हो।

 

15) पाइप रेंच (pipe wrench) –

इस प्रकार के रेंच में दो जाॅ होते है।जिनमें एक जाॅ फिक्स्ड रहता है।और दूसरा एडजस्टेबल।ऐडजेस्टेबल जाॅ को एक नट की सहायता से आगे-पीछे एडजस्ट किया जा सकता है।और उसे कार्य के साइज के अनुसार सेट करके प्रयोग में लाया जाता है।इसके दोनो जाॅ पर दांते कटे होते है।जिससे अच्छी पकड़ ली जा सकती है।इसका साइज इसकी बाॅडी की पूरी लम्बाई से लिया जाता है।जैसे 300 मिमी,350 मिमी,400 मिमी इत्यादि।इसका प्रयोग प्रायः पाइप फिटिंग करते समय किया जाता है।

 

16) चेन रेंच (chain wrench) –

यह रेंच पाइप रेंच की तरह ही होता है।परन्तु अंतर केवल इतना होता है कि इसमें ऐडजेस्टेबल जाॅ के स्थान पर चेन लगी होती है।इसका फिक्स्ड जाॅ गोलाई में उभरा होता है।इस रेंच को प्रयोग में लाने के लिए चेन को जाॅब पर लपेट कर रेंच की बाडी पर बने खांचे में फसा दिया जाता है।इसके पश्चात चेन रेंच को प्रयोग में लाया जाता है।कार्य के अनुसार फिक्स्ड जाॅ को क्लाक वाइस या एंटी क्लाक वाइस रखकर सेट कर दिया जाता है।इस रेंच का प्रयोग बड़े साइज के गोलाकार जाॅब पर कार्य करते समय किया जाता है।

 

17) स्ट्रेप रेंच (strap wrench) –

यह रेंच चेन रेंच के समान होता है।अंतर केवल इतना होता है।कि इसमें फिक्स्ड जाॅ प्लेन रहता है।तथा चैन के स्थान पर स्टील की पत्ती प्रयोग में लाई जाती है।इस रेंच का प्रयोग फिनिश जाॅब पर किया जाता है।

 

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