Multiplex winding क्या होता है?

 

Multiplex winding में ब्रुशों के बीच पैरेलल में दो या दो से अधिक अलग-अलग इन्सुलेटिड वाइडिंग होती हैं।

साधारण लैप वाइडिंग में मशीन के पोलों की संख्या के समान पैरेलल रास्ते होते है।जब कभी पोलों की संख्या को बढाये बिना पैरेलल रास्तों को बढाने की आवश्यकता होती है हम साधारण वाइडिंग की अपेक्षा मल्टीप्लेक्स वाइडिंग का प्रयोग करते है।

ड्यूप्लैक्स लैप वाइडिंग (duplex lap winding)

 

इस वाइडिंग में दो इलैक्ट्रिकली इन्सुलेट वाइडिंग होती है।ड्यूप्लैक्स लैप वाइडिंग मे कम्यूटेटर पिच हमेशा एक की बजाय दो होती है।इनमे लगे क्वायल 1,3,5,7,9,11,13 और 15 एक वाइडिंग से संबध रखती है।जबकि क्वायल 2,4,6,8,10,12,14 और 16 दूसरी वाइडिंग से संबध रखती है।ये वाइडिंग ब्रुशों के द्वारा पैरेलल मे जुड़ी होती है और यह ब्रुश एक ही समय पर दो सेग्मेंटों से सम्पर्क बनाये रखता है।इसलिए 2 पोल ड्यूप्लैक्स लैप वाइडिंग मे 4 पैरेलल रास्ते होंगे। इस तरह एक चार पोल ड्यूप्लैक्स वाइडिंग में 8 पैरेलल रास्ते होंगे और 6 पोल डुप्लेक्स वाइंडिंग के आर्मेचर में 12 पैरेलल रास्ते होंगे इत्यादि संक्षिप्त में मल्टीप्लेक्स वाइंडिंग में पैरेलल रास्तों की संख्या= पोलों की संख्या × प्लैक्स की संख्या

ट्रिपलैक्स लैप वाइडिंग (triplex lap winding)

 

ट्रिपलैक्स लैप वाइंडिंग में तीन अलग-अलग इलेक्ट्रिकली इंसुलेटेड वाइंडिंग होती है और एक ही समय पर ब्रूस कम से कम तीन कम्युटेटर सेगमेंटो से संपर्क बनाए रखता है। इस तरह से इन तीनों वाइंडिगो को पैरेलल में जोड़ दिया जाता है।और साधारण लैप वाइंडिंग की अपेक्षा पैरेलल रास्तों की संख्या 3 गुना बढ़ जाती है। इस प्रकार 14 ट्रिपलैक्स लैप वाइंडिंग में 12 पैरेलल रास्ते होंगे और 6 पोल ट्रिपलैक्स लैप वाइंडिंग में 18 पैरेलल रास्ते होंगे मल्टीप्लेक्स लैप वाइंडिंग में बुश वाइंडिंग के गुणनफल के अनुसार सेगमेंटों से संपर्क बनाता है।

ड्यूप्लैक्स वेव वाइंडिंग (duplex wave winding)

 

इस वाइंडिंग में भी ड्यूप्लैक्स लैप वाइंडिंग की तरह दो अलग-अलग इलेक्ट्रिकली इंसुलेटेड वाइंडिंग होती है इन वाइंडिगो को एक ही स्लॉट में रखना आवश्यक नहीं है लेकिन बस एक समय मे कम से कम 2 कम्युटेटर सेगमेंटों से संपर्क बनाए रखता है।

इस वाइडिंग में कम्युटेटर पिच

Yc= सेग्मेंटों की संख्या/पेयर आफ पोल

एक दो पोल ड्यूप्लैक्स वेव वाइडिंग के लिए पैरेलल रास्तों की संख्या 4 होगी।

ट्रिपलैक्स वेव वाइडिंग (triplex wave winding)

 

इस वाइडिंग में तीन अलग-अलग इलैक्ट्रिकली इन्सुलेटिड वाइडिंग होती हैऔर ब्रुश एक समय पर तीन सेग्मेंटों से सम्पर्क बनाये रखता है।दो पोल ट्रिपलैक्स वाइडिंग में 6 पैरेलल रास्ते होंगे।

मल्टीप्लेक्स वाइडिंग के लाभ

1. पोलों की संख्या को बढाये बिना जब कभी पैरेलल रास्तों को बढाने की आवश्यकता होती है तो मल्टीप्लेक्स वाइडिंग का प्रयोग किया जाता है।दूसरे शब्दों मे मशीन से कम वोल्टेज पर अधिक आउट पुट लेनी हो।

2.वाइडिंग में पैरेलल रास्तों की संख्या अधिक है इसलिए वाइडिंग के लिए पतले कन्डक्टरों का प्रयोग किया जा सकता है।

3.अधिक पैरेलल रास्तों के कारण प्रत्येक वाइडिंग में करंट का मान कम हो जाता है,इस प्रकार ब्रुशों पर स्पार्किग कम हो जाती है।

4.साथ-साथ वाले सेग्मेंट का भिन्न-भिन्न वाइडिंगों से सम्पर्क होता है।इसलिए भी ब्रुशों पर स्पार्किग कम हो जाती है।

तो आपकों मेरी दी गई जानकारी कैसी लगी मुझे कमेंट जरूर करें।

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