Milling machine

 

Milling machine आधुनिक ओधोगिक युग में दिन प्रतिदिन नये अविष्कार होते जा रहे।और नई से नई आधुनिक मशीनें बनाई जा रही है।इन मशीनों को कई प्रकार के कल पुर्जे जोड़कर बनाया जाता है।ये कलपुर्जे कार्य के अनुसार विभिन्न आकारों और साइजों में हो सकते है।इन कलपुर्जो को वर्कशॉप में विभिन्न प्रकार की मशीनों द्वारा बनाया जाता है।जिनमें से एक मिलिंग मशीन है।मिलिंग मशीन एक बहुत ही महत्वपूर्ण मशीन है,जिसका प्रयोग कई प्रकार की कार्य क्रियाएँ करने के लिए किया जाता है।

अतः मिलिंग मशीन एक प्रकार की मशीन है,जिस पर प्रायः मल्टी प्वाइंट कटिंग टूल का प्रयोग किया जाता है।इसका अधिकांश प्रयोग फ्लैट सरफैस बनाने,एंगुलर सरफैस बनाने,ग्रुव बनाने,गियर के दाॅते काटने आदि के लिए किया जाता है।इस मशीन के द्वारा ड्रिलिंग,बोरिंग आदि कार्य क्रियाऐ भी की जा सकती है।

 

पार्टस – साधारणतया वर्कशॉप में काॅलम और नी टाइप मशीन प्रयोग में लाई जाती है।इसके निम्नलिखित पार्टस होते है।

 

(1) काॅलम

(2) नी

(3) सैडल

(4) टेबल

(5)स्पिन्डल

 

प्रकार

 

वर्कशॉप में मुख्यतः निम्न मशीने देखी जाती है-

 

काॅलम और नी टाइप मिलिंग मशीन – प्रायः निम्नलिखित प्रकार की काॅलम और नी टाइप मिलिंग मशीन पायी जाती है।

 

(1) प्लेन मिलिंग मशीन – इस प्रकार की मिलिंग मशीन वर्कशॉप में अधिकांश प्रयोग में लाई जाती है।इस मशीन के दो मुख्य भाग होते है।एक काॅलम दुसरा नी।काॅलम पर नी को ऊपर नीचे स्लाइड किया जा सकता है।इस मशीन पर प्रायः प्लेन और साइड मिलिंग कटर प्रयोग में लाए जाते है।इस मशीन का स्पिन्डल टेबल के समानांतर होता है।

 

(2) वर्टिकल मिलिंग मशीन- यह मशीन प्लेन मिलिंग मशीन की तरह होती है।परन्तु अंतर केवल इतना है की इसका स्पिन्डल टेबल के वर्टिकल होता है।इस मशीन पर प्रायः एंड मिल,शैल एंड मिल कटर्स प्रयोग में लाये जाते है।कुछ वर्टिकल मिलिंग मशीन तो स्विवल हैड़ वाली भी होती है।जिनके हैड़ को किसी भी कोण में सेट करके प्रयोग में लाया जाता है।

 

(3) युनिवर्सल मिलिंग मशीन – यह मशीन प्लेन मिलिंग मशीन की तरह होती है,परन्तु अंतर केवल इतना होता है।कि इसके टेबल को दाए-बाए दोनो ओर 45° के कोण में घुमाया जा सकता है।इस मशीन के द्वारा वे सभी क्रियाऐ की जा सकती है,जिनको प्लेन मिलिंग मशीन पर किया जाता है।इसके अतिरिक्त इस मशीन पर कुछ अन्य कार्य क्रियाऐ भी की जा सकती है।जैसे गियर पर हैलिकल टीथ काटना,ट्विस्ट ड्रिल के फ्लूट बनाना आदि।

 

बैड टाइप मिलिंग मशीन – इस प्रकार की मिलिंग मशीन प्रायः अधिक मात्रा में उत्पादन करने वाली वर्कशॉपो में प्रयोग लाई जाती है।इस मशीन के सभी कार्य आटोमेटीक होते है।जिससे विनिमय योग्य पार्टस आसानी से बनाए जा सकते है।इस मशीन की बनावट में एक सालिड बेस होते है।जिस पर टेबल को स्लाइड किया जा सकता है।इस मशीन में सैडल नही होता है।यह निम्न प्रकार की होती है।

(1)सिम्पलेक्स (2)ड्यूप्लेक्स

सामान्य मिलिंग क्रियाऐ

 

मिलिंग मशीन पर प्रायः निम्नलिखित कार्य क्रियाऐ की जा सकती है-

 

(1)प्लेन मिलिंग- यह क्रिया प्लेन मिलिंग कटर का प्रयोग करके की जाती है।जिससे किसी जाॅब की सरफेस को समतल बनाया जाता है।

 

(2)फेस मिलिंग- यह क्रिया फेस मिलिंग कटर का प्रयोग करके की जाती है,जिससे किसी जाॅब की सरफेस को समतल बनाया जाता है।

 

(3)साइड मिलिंग- यह क्रिया साइड मिलिंग कटर का प्रयोग करके की जाती है।जिससे किसी जाॅब की साइड को बनाया जाता है।

 

(4)स्ट्रेडल मिलिंग- इस क्रिया में प्रायः एक साथ दो साइड मिलिंग कटरों का प्रयोग किसी जाॅब की साइड दो साइडो को एक साथ बनाने के लिए किया जाता है।इसमें जाॅब के साइज के अनुसार दोनो कटरों के बीच उपयुक्त साइज का स्पेसिंग काॅलर लगाया जाता है।

 

(5)गैंग मिलिंग- इस क्रिया में विभिन्न प्रकार के कटर्स एक साथ बांधकर जाॅब पर विभिन्न प्रकार की क्रियाऐ एक ही बार की जाती है।यह क्रियाऐ अत्यधिक उत्पादन करते समय की जाती है।

 

(6)ऐगुलर मिलिंग- यह क्रिया ऐंगुलर मिलिंग कटर्स का प्रयोग करके की जाती है।जिससे किसी जाॅब की ऐंगल वाली सरफेस को बनाया जाता है।

 

(7)फार्म मिलिंग-यह क्रिया फार्म मिलिंग कटर का प्रयोग करके की जाती है।जिससे किसी जाॅब पर कान्वेक्स या दूसरे किसी आकार की सरफेस बनाई जाती है।

 

(8)ऐण्ड मिलिंग-यह क्रिया ऐण्ड मिल या शैल ऐण्ड मिल कटर का प्रयोग करके की जाती है।जिससे किसी जाॅब पर फेसिंग,ग्रुविंग,स्लाटिंग और साइड फेसिंग आदि कार्य क्रियाऐ की जाती है।

 

(9) साॅ मिलिंग- यह कार्य क्रिया स्लाटिंग साॅ मिलिंग कटर का प्रयोग करके की जाती है,जिससे किसी जाॅब पर पतले साइज के स्लाट या ग्रुव बनाये जाते है।

 

(10) गियर मिलिंग- यह कार्य क्रिया फार्म रिलीव्ड मिलिंग कटर का प्रयोग करके की जाती है।जिससे किसी गियर के दाते काटे जाते है।

 

(11)हेलिकल मिलिंग- इस कार्य क्रिया में कटर का प्रयोग करके किसी जाॅब पर हैलिकल ग्रुव काटे जाते है।जैसे ड्रिल पर फ्लूट काटना।

 

(12) कैम मिलिंग- इस कार्य क्रिया में वर्टिकल मिलिंग अटैचमेंट और यूनिवर्सल डिवाइडिंग हैड का प्रयोग किया जाता है।

 

(13)थ्रेड़ मिलिंग- यह क्रिया थ्रेड मिलिंग कटर का प्रयोग करके की जाती है।जिससे किसी जाॅब पर अंदरूनी और बाहरी चूड़ियाँ काटी जाती है।यह क्रिया स्पेशल प्रकार की मिलिंग मशीन में की जाती है।

 

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