‏हावड़ा रेलवे स्टेशन का 

इतिहास क्या है?

(History of howrah

railway station)

 

दोस्तों आज मैं बात करूंगा भारत के सबसे व्यस्ततम रेलवे स्टेशन में से एक और इस का इतिहास भी नाम दर्ज है जी हां तो मैं बात कर रहा हूं। हावड़ा रेलवे स्टेशन के बारे में जो कई रिकॉर्ड अपने पास दर्ज किए हुए हैं। वैसे तो आप लोग ने कभी ना कभी हावड़ा रेलवे स्टेशन में जरूर गए होंगे वहां की पुरानी इमारतें हुबली  नदी पर स्थित है रवींद्र सेतु स्टेशन को और चार चांद लगाते हैं वैसे तो कोलकाता में चार टर्मिनल है हावड़ा,कोलकाता,शालीमार सियालदह इन चारों स्टेशनों से आपको सभी दिशा के लिए ट्रेन आसानी से मिल जाएगी इनमें से मुख्य हावड़ा स्टेशन है वहां स्थित ट्रेनों के मेलो तथा वहां उपस्थित भीड़ यह बताने को काफी है कि हावड़ा रेलवे स्टेशन इतना बड़ा क्यों है।

हावड़ा स्टेशन जो अभी ईस्ट  रेलवे के अंतर्गत आता है यह सबसे पुराना और सबसे बड़ा यात्री परिसरों में से एक है यह स्टेशन को ईस्ट  इंडियन रेलवे कंपनी और ग्रेट वेस्टर्न बंगाल है जैसे जी {डब्ल्यूबीईआरसी} बोला जाता है इन दोनों ने मिलकर यह स्टेशन का निर्माण किया जो कि सन  1847 को किया गया सन 1854  में पहली ट्रेन हावड़ा से हुगली होते हुए वर्धमान के बीच चलाई गई। वहीं दूसरी ओर बंगाल के वर्धमान  में स्थित कोयले खदानों को कोलकाता से जोड़ने के लिए 1854 में ही कोलकाता वर्धमान रेल लाइन बिछाई गई। यह  1853 में मुंबई और ठाणे के बाद यह दूसरी रेल लाइन थी।

यह लाइन हुगली नदी के पश्चिम तट पर एक छोटे से शहर हावड़ा से शुरू हुई थी। 17 जून 1951 को ईस्ट  इंडिया कंपनी के मुख्य अभियंता जॉर्ज टर्नबुल  द्वारा हावड़ा स्टेशन को बनाने का योजना तैयार किया गया। हावड़ा स्टेशन को बनाने में 300000 रूपए तक का खर्च आया था जो आज का 300-400 करोड़ के बराबर है। उस समय ईस्ट इंडिया कंपनी के प्रबंध निदेशक मैकडोनल्ड,स्टीफन थे।

7 मई को इंजीनियरों ने हावड़ा से वर्धमान हुगली नदी को पार करके आई थी। उनके लिए कोयले गाड़ी को लेकर चले और उस लाइन का परीक्षण किया।

एआईआर की पहली ट्रेन अगस्त 1954 को चलाए जाने के लिए तैयार थी। दूसरी ट्रेन में सफर करने के लिए करीब 3000 आवेदन आए थे लेकिन कुछ लोगों को ही सफर करने का मौका मिला हावड़ा से वर्धमान तक ट्रेन का स्टॉपेज बाली,श्रीरामपुर और चंदन नगर रखा गया। इस ट्रेन को नियमित सुबह शाम चलाया गया किराया प्रथम श्रेणी के लिए 7 रुपये द्वितीय श्रेणी के 5 रुपये तृतीय श्रेणी के लिए 3 रूपए रखा गया।

 

अब आधुनिक हावड़ा रेलवे स्टेशन

हावड़ा रेलवे स्टेशन के आधुनिकता की बात करें तो। यह स्टेशन पहले भी बड़ा था और आज तो चारों दिशाओं में सबसे बड़ा है। इस रेलवे स्टेशन का कोड HWH यह स्टेशन को आज के दौर में A1  कैटेगरी में रखा गया है ।हावड़ा रेलवे स्टेशन से पैसेंजर, लोकल, एक्सप्रेस, सुपरफास्ट, मेल, गरीबरथ, दुरंतो,हमसफर, जन शताब्दी शताब्दी, राजधानी आदि ट्रेन रोजाना गुजरती है। शुरू होती है या खत्म होती है हावड़ा स्टेशन 1373 स्टेशनों से सीधे संपर्क में रखता है। हावड़ा स्टेशन कई मेल लाइन से सीधा जुड़ा हुआ है ।जैसे हावड़ा मुंबई वाया नागपुर हावड़ा दिल्ली वाया गया ,हावड़ा मुंबई वाया इलाहाबाद, हावड़ा चेन्नई, हावड़ा यशवंतपुर ,हावड़ा न्यू जलपाईगुड़ी।

साल 1901  में हावड़ा स्टेशन में लोगों की अधिक आवाजाही को देखते हुए तथा भीड़ को कम करने के लिए हावड़ा रेलवे स्टेशन को और बड़ा बनाने का विचार किया गया जो 1905 को पूरा किया गया हावड़ा स्टेशन को ब्रिटिश वास्तु कार फलसू रिकार्डो   द्वारा तैयार किया गया था ।

आगे की बात करते हैं हावड़ा से दिल्ली में लाइन को 1866 में खोला गया था जिसकी दूरी 1532 किलोमीटर है। यह लाइन हावड़ा को पटना मुगलसराय इलाहाबाद होते हुए दिल्ली को जोड़ती है। हावड़ा से नागपुर मुंबई लाइन को सन 1890 में खोला गया था जिसकी दूरी 1968 किलोमीटर है।यह लाइन खड़कपुर टाटा नगर बिलासपुर नागपुर से होते हुए सीधी मुंबई को जोड़ती है।

हावड़ा इलाहाबाद मुंबई लाइन को सन 1870 ईस्वी में खोला गया जिसकी दूरी 2127 किलोमीटर है यह  लाइन हावड़ा को गया इलहाबाद से होते हुए मुंबई को जोड़ती है। हावड़ा गया दिल्ली लाइन को सन 1906  में खोला गया था। जिसकी दूरी 1449 किलोमीटर के करीब है यह  लाइन हावड़ा को गया धनबाद के रास्ते से दिल्ली को जोड़ती है।

हावड़ा चेन्नई मेंन लाइन 1901  खोला गया था जिसकी दूरी 1661 किलोमीटर है ।यह लाइन हावड़ा को कटक, विशाखापत्तनम होते हुए चेन्नई में जोड़ती है। हावड़ा न्यू जलपाईगुड़ी रेलवे लाइन  को सन 1971 में शुरू किया गया जिसकी दूरी 580 किलोमीटर है ।जो हावड़ा को रामपुरहाट और मालदा होते हुए जलपाईगुड़ी
से मिलाता है।

हावड़ा रेलवे स्टेशन एक रेलवे डिवीजन भी है। जिसका हेड क्वार्टर हावड़ा में ही है सन 1854 को हावड़ा जंक्शन को हावड़ा डिवीजन बनाया गया था।हावड़ा रेलवे डिवीजन में 199 रेलवे स्टेशन आते हैं। हावड़ा से दिल्ली के लिए पहली राजधानी 1971 में यहीं से चलाई गई थी।

हावड़ा को सन 1954 में इलेक्ट्रिफाई किया गया था। हावड़ा रेलवे स्टेशन E.R & SER,हावड़ा DIVISION के अंतर्गत आता है। हावड़ा स्टेशन समुद्र तल की ऊंचाई से 20 मीटर होगी। हावड़ा रेलवे स्टेशन में कुल 23 प्लेटफार्म है जो कि बाकी रेलवे स्टेशन के हिसाब से बहुत ज्यादा है इस स्टेशन में कुल 25 पर पटरी है।

यह दो टर्मिनल बनाए गए हैं टर्मिनल 1 को लोकल ट्रेन लंबी दूरी की ट्रेनों तथा प्रीमियम ट्रेनों  के लिए है उपयोग किया जाता है। 16-23 प्लेटफार्म को टर्मिनल 2  कहा जाता है। इसका उपयोग सिर्फ लंबी दूरी की ट्रेनों के लिए उपयोग किया जाता है इससे रोजाना 5 लाख आना-जाना करते हैं यहां यहां के स्टेशन 750  ट्रेन का संचालन किया जाता है।

 

तो दोस्तों आपको जानकारी कैसी लगी धन्यवाद