मुंबई शहर का इतिहास

(History of Mumbai city)

History of mumbai city

मुंबई शहर का इतिहास

दोस्तो हम बात करेंगे आज मुंबई शहर के बारे में-

दोस्तो आप सभी में से कोई ना कोई मुंबई जरूर गए होंगे।या तो घूमने या तो नौकरी करने या पढ़ाई करने। दोस्तो क्या खासियत है। मुंबई शहर में को लोगो को अपनी ओर आकर्षित करता है और लोग खींचे चले जाते हैं। लोगों को मुंबई शहर में कामयाबी की गारंटी हमेशा मिलती हैं। मुंबई में कोई बेरोजगार जल्दी नहीं होता। हा देश में और भी बहुत शहर हैं जो मुंबई की बराबरी करते हैं।लेकिन मुंबई का आर्थिक राजधानी के नाम से इसका रुतबा और भी बढ़ जाता हैं।

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मुंबई शहर का इतिहास बहुत रोचक हैं। मुंबई शहर पहले इस तरह का नहीं था। जैसे आज है मुंबई पहले टापुओं में बटा था। इस को बनाने में काफी मेहनत करनी पड़ी।बात 250 ई. पू. में जब भारत के पश्चमी द्वीप में जब प्राचीन पाषाण काल के अवशेष मिले।तब के समय में इस जगह को हेप्टोनेशिया के नाम से जाना जाता था। तीसरी शताब्दी के करीब इस जगह पर मोर्य सम्राज्य का शासन चला।जिसके बाद मुंबई शहर जो इस समय टापू बना हुआ है।वो फिर अशोक सम्राट के हाथो में शासन चला गया।

बाद में फिर सात वाहन ने राज किया।उसके बाद हिंदू सिल्हरा ने सन् 1343 तक राज किया।

फिर मध्य युग के समय बहादुर शाह ने यहां अपना राज कायम किया। पुर्तगालियों ने बहादुर शाह को हरा कर ये सात टापू जीत लिया क्युकी पुर्तगालियों के लिए यह जगह व्यपार करने के लिए सबसे उपयोगी थी।यह लड़ाई सन् 1534 में हुई।

पुर्तगाली राजा के बेटी का विवाह चार्ल्स द्वितीय इंग्लैंड के साथ हुआ।पुर्तगाली राजा की बेटी का नाम केथलिन डी ब्रिगेंजा था।

विवाह के समय अंग्रेजो ने दहेज की मांग की जिसके बाद पुर्तगाली राजा ने मुंबई (जो की उस समय सात टापू में था) को दहेज के रूप में दे दिया।

सात टापू को मुंबई शहर कैसे बदला गया –

दोस्तो अब बात करेंगे मुंबई शहर जब सात टापू में बाटा हुआ था। इन सात टापू को एक शहर बनाने की कहानी बहुत ही रोचक है। कहा जाता है,की मुंबई शहर को बसाने वाले की नौकरी चल गई थी। आखिर क्यों इस ब्रिटिश इंजिनियर को शहर बसाने के लिए उनको नौकरी से निकाल देने की सज़ा इनाम में दी गई।

जाना जाता है कि पुर्तगाली लोग इन सात टापू को bombaim कह कर बुलाते थे। और वक़्त के साथ साथ इनका नाम भी रख दिया गया।

कोलाबा

छोटा कोलाबा

बॉम्बे

मझगांव

वर्ली

परेल

माहिम

मुंबई शहर का इतिहास

(History of Mumbai city)

ब्रिटिश इंजिनियर विलियम होर्नाबी को इन सातों द्वीपों को जोड़ने का काम दिया गया।जिसके बाद उन्होंने एक चिट्ठी लिखी इस काम को शुरू करने के लिए। जो एक ब्रिटिश डायरेक्टर को भेजा गया था।उन्हें पूरा भरोसा था कि approval मिल जाएगा। और उन्होंने बिना किसी चिट्ठी के जवाब के आपने काम को चालू करवा दिया।उन्होंने 1 लाख रुपए में काम ख़तम करवा दिया।जब चिट्ठी आई तो उनके aprroval को reject कर दिया था।बताया जाता है कि उस समय वे माहिम से सायन के बीच एक काज वें का काम कर रहे थे।

और उनके काज़ वें का काम पूरा होने के बाद उन्होंने उस सड़क का नाम भी रख दिया था। ‘हर्नबी वेल्लार्ड रोड’ जो कि डोंगरी, माला बार हिल और वरली को जोड़ती थी। हम बता दे कि रोड पूरा तैयार होने के बाद उनकी प्रोजेक्ट को reject कर दिया गया।जिसके बाद उनको अवमानना के नाम पर उन्हें नौकरी से निकाल दिया गया।

बाद में इसका जिम्मा ईस्ट इंडिया कंपनी के किसी और इंजिनियर को भेज दिया गया।फिर समुद्र को भरने का काम चालू किया गया टापुओं में स्थित पहाड़ी को काट कर समुद्र को भरा जा रहा था।सबसे ज्यादा मेहनत उमरखेडी की खाड़ी पर किया गया जो कि बॉम्बे को मझगांव से अलग करता है।यह इलाका पायढोनी के नाम से जाना जाता है।

देखते ही देखते 19 वी. सदी में काम पूरा हुआ।जिसके बाद यह सात टापुओं वाला इलाका। 484 स्क्वेयर कि. मी का बन चुका था।इसी के मध्य में ही भारत कि पहली ट्रेन चलाई गई। जो सोएज कैनाल के बन जाने के बाद पूरा किया गया।

क्यों सभी राज्यो से लोग आते है यहां अपने सपनों को लेकर –

मुंबई प्रवासी भारतीयों को खूब लुभाता है।पुरे देश से यहां रोजाना 5 लाख लोग पहुंचते है।आप तो जानते ही होंगे कि भारतीयों का सपना थे जरूर होता है कि एक दिन वे मुंबई घूमने जरूर जाए।या तो वो मुंबई कि किसी बड़ी कम्पनी में नौकरी करे या तो बॉलीवुड में काम करे।

पर्यटन के लिए आकर्षक है मुंबई-

 

मुंबई में घूमने के लिए आपको कई सारे स्थल मिल जाएंगे।आप को वहां जाकर कोई बोरियत महसूस नहीं होगी। तो चलिए जानते हैं ऐसा कौन सा जगह है, मुंबई घूमने के लिए-

गेटवे ऑफ इंडिया-

दोस्तो मुंबई जाने के बाद कई लोग गेट वे आफ इंडिया जरूर जाते है।इसे विजय मेहराब राजा जोर्ज 5 और रानी मैरी के भारत के आगमन पर बनाई गई थी।इसे ब्रिटेन के प्रसिद्ध वास्तुकार जॉर्ज वित्तेत ने design किया था। यह एक पिकनिक मनाने की जगह है, यहां कई विदेशी सैलानी आते है। यहां फोटो ग्राफर , भेल, चाट , आईस क्रीम वाले मिलेंगे।

जुहू बीच- 

यह समुद्र के किनारे स्थित है इसलिए इसे बीच कहा जाता हैं। यह अरब सागर से लगा हुआ है, यहां समुद्र कि लहरे आपका में जीत लेगी। आपको काफी आनंद महसूस होगा।यह जगह मुंबई से 18 कि. मी की दूरी पर स्थित है। यहां ज्यादातर लोग शाम को ही घूमने आते है।यह बीच से लगा कई सारे धार्मिक स्थल भी मिलेंगे जैसे की सिद्धि विनायक मंदिर, इस्कान मंदिर, महालक्ष्मी मंदिर, होली क्रॉस चर्च आदि।था आप आते समय कैमरा लेना ना भूले।

फिल्म सिटी गोरेगांव -

अगर आप फिल्मों के शूटिंग देखने के शौकीन है तो ये जगह आपके लिए best होगी क्युकी इस जगह में आपको कई सारे फिल्म कि शूटिंग होते हुए देखने को मिलेगी। यहां कई सारे बड़े बड़े studio है।गोरेगांव मुंबई से 10-15 कि. मी की दूरी पर स्थित है।

और भी कई सारे स्थल है घूमने के लिए यहां पर को आप अपने हिसाब से वहां जाकर पता करके घूम सकते हैं।

मुंबई का आर्थिक रूप से मजबूत होना –

दोस्तो लोग मुंबई अपने लाइफ को बनाने आते है ताकि वो अपने जीवन को आसानी से जी सके।मुंबई में हजारों उद्योग मिल जाएंगे जो आपको नौकरी देने के लिए सहायक होंगे।मुंबई का आर्थिक राजधानी कहलाने का कारण आपको बताते है-

१.बड़े उद्योगों का कार्यालय-

यहां आपको बड़े बड़े उद्योग के कार्यालय मिलेंगे भारतीय रिज़र्व बैंक,भारतीय स्टेट बैंक, स्टाक एक्सचेंज, टाटा समूह, गोदरेज, रिलायंस आदि। यहां फॉर्च्यून ग्लोबल की 500 कम्पनी मिलेंगी।

२.फिल्म उद्योग-

फिल्म उद्योग जिसे हम बॉलीवुड के नाम से भी जानते है। यहां पर पूरे भारत के लोग बड़ी उम्मीद से आते है कुछ कुछ सफल होते है कुछ कुछ असफल हो जाते है लेकिन को असफल होते है उनको मुंबई में और भी काम मिल जाते है। यहां पर मनोरंजन जगत की दो बड़ी इंडस्ट्री है सिनेमा और टेलीविजन जो की विश्व में सबसे ज्यादा फिल्म तथा  टीवी सीरियल बनाते है। यहां पर हर साल 5 अरब डॉलर की कमाई की जाती है।

३.भारत का वाणिज्यिक गतिविधियों का केन्द्र-

भारत के सकल घरेलू उत्पाद का 25% हिस्से में से 5% का हिस्सा मुंबई ही देता है। देश में 40 फीसीदी समुद्री व्यापार मुंबई के पोर्ट से ही किया जाता है। देश का पूंजीगत लेन देन 70 फीसदी यही से ही होता है। देश में इनकम टेक्स की 30% कमाई मुंबई से ही होती है।

४.रोजगार का केंद्र-

तो दोस्तो देश में आपको तो पता ही होगा कि रोजगार कि कितनी कमी है।था आपको बहुत से मैनुफैकचरिंग कारखाने मिलेंगे।जिसमें इंजिनियर से लेकर हेल्फर तक की जरूरत होती है।जो अपने महाराष्ट्र से लेकर देश के सभी युवाओं को रोजगार देती है। यहां आपको फूड इंडस्ट्री,स्टील इंडस्ट्री, फार्मा इंडस्ट्री, ऑटो मोबाइल इंडस्ट्री से संबंधित छोटी से बड़ी कम्पनी मिलेंगी।इन्हीं सब कारणों से देश के लोग मुंबई को ही अपना सपना मानते है।

तो दोस्तो आपको मेरी जानकारी कैसी लगी मुझे ज़रूर कमेंट करे।