कार्बोहाइड्रेट(Carbohydrates)

 

कहते है की कार्बन,हाइड्रोजन तथा आक्सीजन तीनो अनुपात में होते है।जो की 1:2:1 होता है।लेकिन आधुनिकीकरण के बाद यह पूर्ण रूप से गलत माना गया।बाद में इसे सही रूप से परिभाषित किया गया।कहाॅ गया की पालिहाइड्राक्सी तथा किटोन का समूह है जो जल अपघटन से क्रिया करके मानव शरीर को शक्ति प्रदान करता है।जिसके बाद कार्बोहाइड्रेट का सूत्र Cx(H2O)y जिसमे C6H12O6 या C6(H2O)6,फ्रेक्टोस,सुक्रोस आदि पाये जाते है।ये खाने वाले पौधे मे ज्यादातर पाये जाते है।कार्बोहाइड्रेट का मुख्य गेंहू,मक्का,चावल,जौ,आलू,शलजम,चुकंदर,केला,अरबी,मास आदि होते है।

 

कार्बोहाइड्रेट का वर्गीकरण 

 

(i)इनको तीन भागो में बांटा गया है- 

 

                             मोनोसैचेराइड

यह एक प्रकार की सरल कार्बोहाइड्रेट होती है।जिसे जल अपघटन नही कराया जा सकता है।जैसे की ट्रायोस,ग्लिसरैल्डिहाइड,टेट्रोस,इलेक्ट्रोड,पेन्टोस,राइबोस और हेक्सोस,ग्लूकोस,फ्रेक्टोस आदि।

 

                               पालिसैकेराइड

जब जल अपघटन अधिक संख्या मे होती है।तो मोनोसैचेराइड के आठ से दस यूनिट तैयार होते है।जैसे-स्टार्च सेलुलोस,ग्लाइकोजन तथा गोंद आदि बनते है।ये अविलेय होते है।ये पौधे मे मिलते है।

 

                                 ओलिगोसैकेराइड

ये भी जल अपघटन करके मोनोसैचेराइड की कई यूनिट बनाते है।उदाहरण-सुक्रोस,माल्टोस,लैक्टोस ये सभी मिलकर जल अपघटन करते है।दो अणुओ के मोनोसैचेराइड प्रदान करते है।इन्हे ड्राइ सैकेराइड कहा जाता है।

 

(ii)कार्बोहाइड्रेट को भौतिकी के अनुसार दो भागो में बांटा गया है-

 

शर्करा – ये मीठा कार्बोहाइड्रेट होता है।इसमें सुक्रोस,फ्रक्टोज,लैक्टोस आदि समाहित होते है।

 

अशर्करा– ये स्वाद में मीठे नही होते,ये जल में अविलेय होते है

 

कुछ समान्य प्रकार के कार्बोहाइड्रेट 

 

(1)ग्लूकोस- C6H12O6 यह डेक्सट्रोस के नाम से भी जाना जाता है।यह मीठे फलो में ज्यादातर पाया जाता है।इसे औद्योगिक के प्रयोगशाला में तैयार करते है।रक्त में इसकी संध्रता परास 70-110 मिग्रा/100 मिली होती है।यह शरीर के लिए ऊर्जावान होता है।

 

(2)फ्रेक्टोस- C6H12O6 इसे फलो में मिला हुआ शक्कर भी कहा जाता है।यह दवाई बनाने,चाकलेट बनाने में उपयोग में लाया जाता है।

 

 (3)सुक्रोस- C12H22O11 ये भी एक प्रकार कि प्राकृतिक शक्कर की तरह होती है।यह जल अपघटन करके ग्लूकोस व फ्रेक्टोस प्रदान करता है।यह अधिकांश जैम,जैली में उपस्थित होता है।

 

(4)माल्टोस- C12H22O11यह दो ग्लूकोस यूनिट से मिलकर बना होता है।

 

(5)लैक्टोस- C12H22O11यह स्तनधारीयो के जीव के दूध में पाया जाता है।यह गाय के दूध मे 5-7% तथा मानव के दूध मे 6-9% तक होता है।इसे दुग्ध शर्करा के नाम से भी जाना जाता है।

 

(6)स्टार्च – (C6H10O5)nयह पौधे में उपस्थित पालिसैकेराइड है।यह दाल,कंद,पालक आदि सब्जियों में पाया जाता है।पाचन क्रिया के समय यह पहले जल से अपघटित होकर माल्टोस देता है।फिर ग्लूकोस बनाता है।

 

(7)सेलुलोस –(C6H10O5)nयह पौधे में उपस्थित कार्बनिक पदार्थ है।जो पौधे की कोशिका में पाया जाता है।यह ग्लास बनाने में उपयोग किया जाता है।

 

(8)ग्लाइकोजन- यह शरीर में कार्बोहाइड्रेट,ग्लाइकोजन के रूप में पाया जाता है।इसकी संरचना ऐप्लिकेशन के समान होती है।

 

(9) प्राणी स्टार्च – यह मासपेशियो तथा मस्तिष्क मे उपस्थित होता है।शरीर मे जरूरत के अनुसार एन्जाइम ग्लाइकोजन को ग्लूकोस मे तोड कर शक्ति देते है।

 

कार्बोहाइड्रेट के महत्व 

 

(1)यह हमारे शरीर का मुख्य भाग होता हैयह शरीर में आक्सीकरण करके ऊर्जा प्रदान करता है।इनके द्वारा न्यूक्लिक अम्ल भी बनते है।

 

(2)कार्बोहाइड्रेट वनस्पतियो तथा पेड़ो में स्टार्च के रूप में मिलते है।और जीव जन्तुओ में ग्लाइकोजन के रूप में मिलते है।

 

(3)लकड़ी में सेलुलोस पाया जाता है जिसका निर्माण कार्बोहाइड्रेट के कारण होता है।जिसका उपयोग फर्नीचर बनाने में होता है।

 

तो दोस्तो आपको मेरी दी गई जानकारी कैसी लगी मुझे जरूर कमेंट करें।

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