भिलाई स्टील प्लांट कहाँ है?

 

दोस्तो आज हम बात करेंगे भिलाई स्टील प्लांट के बारे मे जो की देश मे स्टील के उत्पादन मे अहम योगदान देता है।यह प्लांट पब्लिक सेक्टर यूनिट है।भिलाई स्टील प्लांट मे रोजाना लाखो टन का स्टील निर्माण होता है।जो की अपने आप मे बडी उपलब्धी है।भिलाई स्टील प्लांट के पास ऐसे कई रिकॉर्ड है जो जो भारत के किसी भी स्टील उद्योग के पास नही है।हमारी भारत की रेल जिस पटरी पर तेजी से दौडती है उसमे 80% प्रतिशत भिलाई स्टील प्लांट की ही बनायी हुई होती है।

भिलाई स्टील प्लांट

भिलाई स्टील प्लांट कहा स्थित है-


दोस्तो बहुत कम ही लोग भिलाई स्टील प्लांट को जानते है।मतलब की कहा है कौन से राज्य मे है।कई लोग जानते भी है तो वो कहते है की यह मध्यप्रदेश राज्य मे है।तो चलिए मै आपको बताता हूँ।दोस्तो भिलाई स्टील प्लांट छत्तीसगढ राज्य मे दुर्ग जिले के भिलाई नाम के राज्य मे स्थित है।इस शहर को छत्तीसगढ की इस्पात नगरी के नाम से भी जाना जाता है।यह कोई पर्यटन स्थल नही है।लेकिन शहर को छत्तीसगढ का मुंबई कहे तो गलत नही होगा।

 

भिलाई स्टील प्लांट का इतिहास-


भिलाई स्टील प्लांट को बनाने की शुरूआत 1955 मे की गई थी।जिसमें सोवियत संघ रूस ने प्लांट को तैयार करने मे अहम भागीदारी निभाई थी।उस समय प॰जवाहरलाल नेहरू प्रधानमंत्री थे।उन्होने ही भूमि पूजन किया था।1959 मे प्लांट  बनकर तैयार हुआ था।जिसमे कोक ओवन से लौहे को बनाने का कार्य आरंभ किया गया था।जिस समय भिलाई स्टील प्लांट का निर्माण किया जा रहा था उस समय भिलाई एक छोटा सा गांव हुआ करता था।भारत सरकार और यूएसएसआर ने एक समझौते में हस्ताक्षर किया, जिसे 2 मार्च 1955 को नई दिल्ली में एक लाख टन स्टील का उत्पादन का कार्य आरंभ करने का एक संधि किया गया।भिलाई को चुनने के लिए मुख्य कारण प्लांट से 100 किमी दूर दल्ली राजहरा में लौह अयस्क की खदान का होना था।नंदिनी माइंस से चूना पत्थर(लाइम स्टोन) जो की प्लांट से लगभग 25 किमी दूर था, और हिरी में डोलोमाइट का खदान लगभग 140 किमी दूर था जो की बिलासपुर जिले मे था।और कोरबा और चिरमिरी(अंबिकापुर)मे कोयला का खदान था जो की 200 किलोमीटर की दूरी पर था।पानी टंडुला बांध और कोरबा थर्मल पावर स्टेशन से लाया जाता था।प्लांट को भारत के तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ। राजेंद्र प्रसाद  4 फरवरी सन् 1959 को पहले ब्लास्ट फर्नेस के उद्घाटन कर प्लांट शुरू किया गया था। इस प्लांट मे नई ईकाई को बढाया गया और सितंबर 1967-68 में 3 मिलियन टन तक किया गया था।जो की उस समय एक रिकॉर्ड था।सन् 1988 में 6 MT तक उत्पादन करने के लिए प्लांट को बढाया गया।6 MT चरण में मुख्य फोकस निरंतर ढलाई इकाई और प्लेट मिल, स्टील कास्टिंग और आकार देने में एक नई तकनीकी विकास थी।

भिलाई स्टील प्लांट (BSP) की उपलब्धी-

भिलाई स्टील प्लांट मैने पहले ही बताया था की यह भारतीय रेल के लिए रेल निर्माण करने का अनोखा रिकॉर्ड है।यहा अभी तक इतने रेल का निर्माण हो चुका है की पूरी पृथ्वी को यहा पर बने रेल से ढका जा सकता है।भिलाई स्टील प्लांट को ISO 9000:2000 का प्रमाण दिया गया है।भिलाई स्टील प्लांट मे रेल के निर्माण के साथ साथ उच्च गुणवत्ता वाले प्लेट,शीट,एंगल,चैनल,बीम,राउण्ड,वायर राड,सरिया,ऐजबेस्टर शीट आदि अलग-अलग ग्रेडो मे बनाए जाते है।जिसमे भूकंप रोधी लौहे का भी निर्माण किया जाता है।


यहा होने वाले उत्पाद –

रेल और हैवी स्ट्रक्चरल 90,00,000 MT/ANL
मेर्केंट प्रोडक्ट्स (एंगल्स, चैनल्स, राउंड एंड टीएमटी बार) 11,00,000 MT/AN
वायर रॉड्स (टीएमटी, प्लेन एंड रिब्ड)- 8,30,000 MT/ANL
प्लेटलेट्स (3600 मिमी वाइड तक) -11,00,000,000 MT/ANL

तो आपको मेरी दी गई जानकारी कैसी लगी मुझे कमेंट जरूर करे।

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