बियरिंग (bearing)

 

 बियरिंग(bearing) वर्कशाप में पाॅवर को ट्रांसमिट करने के मुख्य माध्यम शाफ्ट है क्योकि शाफ्ट के ऊपर ही कार्य के अनुसार पुली,गियर और कैम आदि को फिट करके पावर को ट्रांसमिट किया जाता है।शाफ्ट जब प्रयोग में लाई जाती है तो जिस माध्यम के द्वारा इसे पकड़ा या सहारा दिया जाता है,उसे ही बियरिंग कहते है।अतः बियरिंग एक प्रकार का मशीन अंग है जिसका प्रयोग शाफ्ट को पकड़ने सहारा देने के लिये किया जाता है।इससे शाफ्ट सुगमता से फ्रि चाल ले सकती है।

 

उपयोग

बैरिंग के निम्नलिखित उपयोग होते हैं

1.शाफ्ट को सहारा देने के लिए 

 

2.शाफ्ट को पकड़ने और गाइड करने के लिऐ

 

3.गति के समय शाफ्ट पर रगड़ की गर्मी कम करने के लिए।

 

प्रकार 

 

                  फ्रिक्शन बियरिंग

                (friction bearing)

 

इस प्रकार के बियरिंग प्रायः नान फेरस मेटल से बनाये जाते है।इसमें बियरिंग और शाफ्ट प्रत्यक्ष रूप से सम्पर्क में आते है।प्रायः निम्नलिखित प्रकार के फ्रिक्शन बियरिंग होते है- 

 

सालिड बियरिंग- इसको ब्रुश बियरिंग भी कहते है।यह प्रायः वहाँ पर प्रयोग में लाया जाता है।जहाँ पर शाफ्ट को कम स्पीड पर चलाना को कम स्पीड पर चलाना होता है।

 

जर्नल बियरिंग- यह बियरिंग भी ब्रांज या गन मेटल से बनाया जाता है।यह बियरिंग प्रायः दो पीस में होता है।उसकी बाहरी सरफेस पर दोनो सिरो पर काॅलर बने होते है।इनको प्रायः कास्ट आयरन की बनी हाऊसिंग में फिट करके लाया जाता है।

 

शैल बियरिंग- इस प्रकार के बियरिंग की बाॅडी ब्रास,ब्रांज,गन मेटल या कास्ट आयरन से बनाई जाती है जो की प्रायः दो पीस में होती है।इन्हे शैल के नाम से जाना जाता है।इस बियरिंग के अंदर व्हाइट मेटल या बैबिट मेटल की लाइनिंग की जाती है।इस बियरिंग से यह लाभ होता है कि यदि लाइनिंग खराब भी हो जाए तो व्हाइट मेटल या बैबिट मेटल को पिघला कर दोबरा लाइनिंग की जा सकता है।

 

               एंटी फ्रिक्शन बियरिंग

             (Anti-friction bearing)

 

इस प्रकार के बियरिंग प्रायः एलाय स्टील से बनाये जाते है।इसमें शाफ्ट और बियरिंग प्रत्यक्ष रूप से सम्पर्क में नही आते बल्कि बियरिंग और शाफ्ट के बीच में कुछ छर्रे या रोलर्स लगे होते है।जिससे शाफ्ट बियरिंग के छर्रो या रोलरो पर फ्रि घूमती है।इस प्रकार के बियरिंग हल्के और भारी दोनों प्रकार के लोड़ के लिए अधिक या कम स्पीड पर प्रयोग में लाये जा सकते है।एंटी फ्रिक्शन बियरिंग प्रायः निम्नलिखित प्रकार के होते है।

 

बाल बियरिंग(ball bearing)- बाल बियरिंग को अधिक या कम स्पीड पर भारी या हल्के लोड़ के लिए प्रयोग में लाया जाता है।कार्य के अनुसार कई प्रकार के बाल बियरिंग प्रयोग में लाये जाते है जैसे सिंगल रो बाल बियरिंग हल्के या भारी लोड़ को हाई स्पीड पर चलाने के लिए के लिए प्रयोग में लाए जाते है।बाॅल बियरिंग के निम्नलिखित पार्ट्स होते है।

 

1.आउटर रेस           2.इनर रेस 

 

3.बाल्स                   4.केज

 

बाल बियरिंग के बाहरी रिंग को आउटर रेस और अंदरूनी रिंग को इनर रेस कहते है।इनर रेस के बीच बोर बना होता है।जिसको शाफ्ट पर फिट किया जाता है।और आउटर रेस को बियरिंग हाऊसिंग में फिट करते है।आऊटर रेस और इनर रेस के बीच बाल्स को चलाने के लिए पथ बना होता है।बाल्स को नान-फैरस मेटल की बनी हुई केज के साथ बियरिंग में फिट किया जाता है,जिससे वे अपने पथ पर आसानी से फ्रि घूमती है।

 

रोलर बियरिंग- यह बियरिंग बाॅल बियरिंग की तरह होता है।अंतर केवल इतना होता है कि इसमें बाल्स के स्थान पर रोलर प्रयोग में लाये जाते है।इसकी बनावट में एक इनर रेस एक आउटर रेस और केज के साथ रोलर फिट रहते है।इस बियरिंग का प्रयोग प्रायः अधिक लोड़ को अधिक स्पीड पर चलाने के लिए किया जाता है।कार्य के अनुसार टेपर रोलर बियरिंग का प्रयोग भी किया जाता है।जिसमें टेपर में बने हुए रोलर प्रयोग लाए जाते है।टेपर रोलर बियरिंग प्रायः अधिक भारी लोड़ के लिए प्रयोग लाये जाते है।

 

बियरिंग मेटल 

 

फ्रिक्शन बियरिंग प्रायः नान-फैरस मेटल से बनाए जाते है-

 

1.ब्रास – यह एक मुलायम नाॅन फेरस एलाय है,जिसका प्रयोग प्रायः ब्रुश और जर्नल बियरिंग बनाने के लिए किया जाता है।

 

2.गन मेटल – यह ब्रास की अपेक्षा हार्ड धातु होती है ,जिसको काॅपर,जिंक और टिन का मिश्रण करके बनाया जाता है।इस धातु पर पानी और वातावरण का असर कम होता है।इस धातु से प्रायः इंजनके बियरिंग बनाये जाते है।

 

3.ब्रांज – यह धातु ब्रास की अपेक्षा हार्ड घहोती है।इसको कास्टिंग भी किया जा सकता है।इसका प्रयोग ब्रुश और जर्नल बियरिंग बनाने के लिए किया जाता है।

 

4.फास्फर ब्रांज- यह सधारण धातु ब्रांज की अपेक्षा अधिक हार्ड होती है।इसको कास्टिंग किया जा सकता है।और पानी का असर नही पड़ता है।प्रायः साधारण कार्यो के बियरिंग बनाने के लिए इस धातु का प्रयोग किया जाता है।

 

5.मैग्नीज ब्रांज – यह फास्फर ब्रांज की अपेक्षा अधिक हार्ड होती है।जिस पर जंग नही लगता।इसका प्रयोग प्रायः ऐसे बियरिंग बनाने के लिए किया जाता है।जिसको भारी लोड़ और मिडीयम स्पीड़ में चलाना होता है।

 

6.व्हाइट मेटल – यह धातु लीड,टीन,काॅपर और एंटीमनी का एलाय होती है।इसमें हार्ड नेस और लो मेल्टिंग प्वाइंट का गुण होता है।इस धातु से शैल बियरिंग में लाइनिंग की जाती है।

 

7.बैबिट मैटल – इस धातु का प्रयोग भी शैल बियरिंग में लाइनिंग करने के लिए किया जाता है।कार्य के अनुसार कई प्रकार के टिन बेस और लीड बेस वाले बैबिट मेटल प्रयोग में लाए जाते है।

 

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