अल्टरनेटर(alternator)किसे कहते है?

 

यह एक D.C जनरेटर के आर्मेचर में उत्पन्न emf आल्टरनेटिंग प्रकृति के द्वारा होती है।यह उत्पन्न E.M.F बाहरी सर्किट में एक ही दिशा में दी जाती है।यदि कम्यूटेटर के स्थान पर स्लीपिंग लगा दिया जाता है तथा कनेक्शन को बाहरी सर्किट की तरफ ले जाकर फिट करे तो बाहरी सर्किट में करंट आल्टरनेटिंग होगी जिससे की जनरेटर को जो अल्टरनेट करंट देगा उसी को हम आल्टरनेटर या A.C जनरेटर कहेंगे।

आल्टरनेटर के कार्य सिध्दांत

आल्टरनेटर के कार्य सिद्धांत DC जनरेटर की तरह ही होती है।सभी DC जनरेटर alternator होते है जिनमे alternating वोल्टेज सीधे आती है।इसमे commutator द्वारा ही AC और DC करेंट में परिवर्तित किया जाता है।DC जनरेटर से एक ही दिशा में वोल्टेज देने के लिए जरूरी होता है जिससे स्थिर armchair चुंबकीय क्षेत्र में घूम सके।लेकिन कुछ भी हो जाने के बाद alternator में armchair घुमाना जरूरी नहीं होता।इसमे armchair या field को घुमाया जा सकता है जबकि दूसरे को स्थिर रखा जाता है।

 

Alternator के भाग और उनके कार्य

 

Alternator के मुख्य तीन भाग होता है।

1)stetar

2)rotor

3) exciter

चलिए इनको पूर्ण रूप से जानते है।

 

                                 स्टेटर(stetar)

 

alternator का वह स्थिर भाग जिसमें emf उत्पन्न होती है stetar कहलाता है।stetar laminated stamping का बना होता है जिसकी परिधि पर winding करने के लिए खाँचे बने होते है।ये stamping एक दूसरे से वार्निश के द्वारा insulated होती है और इसे you में रखा जाता है जो चुम्बकीय पदार्थ जैसे cast iron या सिलिकॉन Steel का बना होता है।

 

                                 रोटर(rotor) 

 

एक DC जनरेटर की तरह rotor का चुम्बकीय घूमने वाला जैसा होता है।जिसे एक अलग DC स्त्रोत के द्वारा उत्तेजित किया जाता है और वह एक exciter कहलाता है।

 

रोटर को दो भागों में बांटा जाता है-

 

i)सिलियेंट पोल रोटर (salient pole rotor)

यह एक Steel की stamping का बना होता है और यह कम स्पीड (360 से 500 rpm) हाइड्रो alternator के लिए उपयुक्त होती है।इस प्रकार की rotor का व्यास अधिक और लंबाई कम होती है।rotor की परिधि पर छः से चालीस पोल लगाए जाते है।rotor की अधिकतम speed 1000 rpm होती है।

ii) बेलनाकार रोटर (smooth cylindrical rotor)

इस प्रकार का rotor बेलनाकार होती है जिसकी लंबाई अधिक और व्यास कम होता है।य़ह ठोस Steel का टुकड़ा का बना होता है और फिल्ड winding को डालने के लिए rotor की परिधि पर खाँचे बने होते है।इसकी अधिकतम speed 1550 – 3000 rpm तक होता है।दो पोल मशीन की output लगभग 55,000 KVA होता है।

बेलनाकार रोटर

 

                             एक्साटर (exciter) 

 

यह एक छोटा सा शंट या कम्पाउड डायनेमो प्रकार का है जो alternator की शाफ्ट के एक सिरे पर लगाई जाती है।जब DC सप्लाई फिल्ड winding को alternator की shaft पर लगी दो स्लीपरिंगो के द्वारा दी जाती है।exciter की वोल्टेज दर अधिकांश 110 से 250V,DC होती है।

 

तो दोस्तो अपको मेरी दी गई जानकारी कैसी लगी मुझे जरूर कमेंट करे।

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